जिसने हम को जन्म दियां jis ne hum ko janam diya vahi mera bhagwan hai
ना मंदिर न मस्जिद जानू ना जानू गुरुद्वारा
स्वर्ग से सुंदर लगता है घर में तीर्थ सारा,
मनका भ्रम निकालो अब तो माटी के इंसान है
जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,
चल चल चल ओ साथी चल
बाहर तो है अनंत दिखावा है स्वार्थ की नगरी
मात पिता का सेवा ही है बस अमृत की गगरी
ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा करता क्यों अभी मान है
जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,
चल चल चल ओ साथी चल
दुनिया का ये रंग मंच पर है दो दिन का मेला
भीड़ लगा कर इस धरती पर दिखा रहे है खेला
सत यही है जाना सब को यही अवर गुणगान है
जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,
चल चल चल ओ साथी चल
श्रेणी कृष्ण भजन
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