सोना वेख के नज़ारा वृंदावन दा sohna vekh ke najara vrindhavan da
सोना वेख के नज़ारा वृंदावन दा किते वी मेरा दिल नहियो लगदा, मेनू भूल गया सुख दुःख तन मन दा, किते वी मेरा दिल नहियो लगदा, सोहना वेख के नजारा सांवरा सलोना मेरा वृन्दावन वसदा, मीठा मीठा बोल्दा ते मीठा मीठा हसदा, जादू चल गया ओहदे नैनं दा किते वी मेरा दिल नहियो लगदा, सोहना वेख के नजारा चन जेहा मुखड़ा ते नैन काले काले न, बुल ने रसीले ओहदे वाल घुंघराले ने, ढंग जग तो न्यारा ऐ चलन दा, किते वी मेरा दिल नहियो लगदा, सोहना वेख के नजारा तन ते पितान्भर गले वैजयंती माला ऐ, मोर मुकट सोहने शीश ते निराला ऐ, नही जवाब ओहदी पैरा दी पेजन दा, किते वी मेरा दिल नहियो लगदा, सोहना वेख के नजारा कन्ना विच गूंजे ओहदी मुरली दी तान ऐ, त्रिलोकी दास मेनू ओहदा ही ध्यान ऐ, अखा तकदियाँ खाभ मिल्न दा, किते वी मेरा दिल नहियो लगदा, सोहना वेख के नजारा ਸੋਹਣਾ ਵੇਖ ਕੇ, ਨਜ਼ਾਰਾ ਵ੍ਰਿੰਦਾਵਨ ਦਾ , ਕਿਤੇ ਵੀ ਮੇਰਾ, ਦਿਲ ਨਹੀਂਓਂ ਲੱਗਦਾ xll *ਮੈਨੂੰ 'ਭੁੱਲ ਗਿਆ lll ਸੁੱਖ-ਦੁੱਖ ਤਨ-ਮਨ ਦਾ, ਕਿਤੇ ਵੀ ਮੇਰਾ, ਦਿਲ ਨਹੀਂਓਂ ਲੱਗਦਾ xll ਸੋਹਣਾ ਵੇਖ ਕੇ, ਨਜ਼ਾਰਾ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ਸਾਂਵਰਾ ਸਲੋਨਾ ਮੇਰਾ, ਵ੍ਰਿੰਦਾਵਨ ਵੱਸਦਾ, ਮਿੱਠਾ ਮਿੱਠਾ ਬੋਲਦਾ ਤੇ, ਮਿੱਠਾ ਮਿੱਠਾ ਹੱਸਦਾ l...