यशोदा तेरा लाला नटखट बड़ा है yashoda tera lala natkhat bada hai
यशोदा तेरा लाला नटखट बड़ा है तोड़ा इसने मेरा पानी का घड़ा है पनघट पे जाऊं तो यह मिल जाए तिरछे तिरछे नैनो से मुझको रिझाए जाने ना देवे रस्ते में खड़ा है उचक उचक के कंकरिया मारे मटकी जो फूटी तो ताली बजावे सौगंध दी तो हमसे लड़ा है भोर हुई जब जमुना गई थी सांझ ढले पर घर पहुंची थी ऐसे नटखट से पाला पड़ा है संग सहेली ताने मोहे मारे क्यों गई अकेली कह के चिड़ावे कैसे बताऊं मेरे दिल में बसा है यशोदा तेरा लाला नटखट बड़ा है श्रेणी कृष्ण भजन